माचिस की डिबिया- 2021 की Best कहानियां जो आत्मविश्वाश बढ़ाये- Motivational Story in Hindi For Depression

माचिस की डिबिया

School की छुट्टी हुई। सभी Students, School Gate की ओर बढ़ रहे थे। सोनू परेशान सा दिख रहा था। राधा ने पूछा, तो उसने घबराते हुए बताया, “अगले हफ्ते से Exam हैं, डर लग रहा है।” 

यह सुनकर राधा हंस पड़ी, “लगता है, तुम Examophobia के शिकार हो गए हो। Monthly Test में भी तुम ऐसे ही डरे हुए थे। Marks तो अच्छे ही आए थे तुम्हारे। फिर डर कैसा?” 

भास्कर ने चिढ़ाते हुए कहा, “यह ऐसा ही है। जब कभी हम School के लिए थोड़ा Late हो जाते हैं, तब भी यह ऐसा ही घबरा जाता है। इसका कुछ नहीं हो सकता।”  एक के बाद एक सारे दोस्त सोनू को चिढ़ाने लगे, तो राधा ने बात बदलते हुए कहा, “बहुत हो गया। तुम सब इसे Support करने की जगह इसका मजाक उड़ा रहे हो। अच्छे दोस्त ऐसा नहीं करते।” 

दूसरे दिन School में Lunch Break हुआ, तो बच्चे मस्ती करने लगे। सोनू चुपचाप एक कोने में अकेला बैठा था। राधा ने पूछा, तो सोनू ने कहा, “Exam Date सुनने के बाद से मेरा तो खाने का मन ही नहीं है। मुझे तो आज रात नींद भी नहीं आएगी।”  राधा पहले तो मुसकराई, फिर धीरे से बोली, “क्या तुम शाम को मेरे घर आ सकोगे? मेरे पास एक जादुई माचिस है।”  सोनू ने पूछा, “जादुई माचिस?” राधा ने कहा, “हां! उसे मेरे अब्बू को उनके अब्बू ने दी थी। वह करिश्मा करती है।

लेकिन उस जादुई माचिस को भूलकर भी किसी को न दिखाना और न ही उसे खोलना। चुपचाप उसे अपने School Beg में रख लेना।”  सोनू मुसकरा उठा। खुशी से बोला, “राधा, तुम कितनी अच्छी हो। क्या वाकई उस जादुई माचिस से मेरी परेशानी दूर हो जाएगी?”  राधा आंखें मटकाकर बोली, “यह तुम्हें जादुई माचिस रखने के बाद ही पता चलेगा।”  सोनू ने कहा, “ठीक है, मैं छुट्टी के बाद तुम्हारे साथ तुम्हारे घर चलूंगा।”  तभी घंटी बजी, सब अपनी क्लास में चले गए।  छुट्टी हुई, तो सोनू राधा के साथ उसके घर चला आया। माचिस देते हुए राधा बोली, “मेरी बात तुम्हें याद है न? कल मुझे School में वापस कर देना।” सोनू ने खुश होकर हां में सिर हिलाया। 

Motivational Story in Hindi For Kids

राधा ने मुसकराते हुए कहा, “बस इतनी सी बात। घबराओ मत।

अशोक सर कह रहे थे कि हमें यदि कोई परेशानी हो, तो हम उनसेे पूछ सकते हैं। वह हमारी सहायता करेंगे।”  सोनू ने कहा, “वह तो है। पर मैं ठीक से तैयारी नहीं कर पा रहा हूं। बस Math का Paper किसी तरह से निपट जाए।”  सोनू ने कहा, “अब हो भी क्या सकता है? कल ही तो मैथ्स का पेपर है। तुम बस रिवीजन करो न।”  सोनू ने कहा, “हो क्यों नहीं सकता? मैं शाम को तुम्हारे घर आ रहा हूं। प्लीज। बस, आज रात के लिए मुझे वह जादुई माचिस और दे दो।”  राधा ने धीरे से कहा, “ठीक है, लेकिन यह अंतिम बार है। वादा करो कि घर जाते ही खूब अभ्यास करोगे। एक-एक चैप्टर का रिवीजन करोगे। करोगे न?”  सोनू बोला, “अभ्यास तो मैं कर ही रहा हूं। लेकिन घबराहट है कि जा ही नहीं रही है।”  शाम को सोनू राधा के घर जाकर माचिस की डिबिया ले गया। सुबह वह फिर School पहुंचा, तो राधा उसे स्कूल गेट पर ही मिल गई। सोनू बोला, “यह लो राधा ।

कमाल हो गया। मैंने देर रात तक Revision किया। मैं सुबह जल्दी भी उठ गया। Thanks Radha ।”  दोनों Class की ओर चल पड़े। Paper खत्म हुआ, तो राधा ने सोनू से पूछा, “Exam कैसा हुआ?”  सोनू मुसकराते हुए बोला, “बहुत अच्छा।”  “अच्छा ही होना चाहिए। सभी Exam की जमकर तैयारी करो। मैं भी कर रही हूं।” कहकर राधा घर चली गई।  आखिरी Paper देने के बाद सोनू School Gate पर खड़ा था। राधा को देखकर वह बोला, “मैं आज शाम फिर तुम्हारे घर आ रहा हूं।”  राधा हंस पड़ी, “क्यों? अब तो Exam खत्म हो गए हैं।” 

सोनू ने धीरे से कहा, “तीन दिन की छुट्टी है। फिर Result भी तो है। मैं घबराया हुआ हूं। जादुई माचिस ही मुझे शांत रखेगी। Please! मना मत करना। मैं उसे Result के दिन वापस ले आऊंगा। इसके बाद फिर कभी नहीं मांगूगा।”  राधा हंस पड़ी। सोनू शाम को माचिस की डिबिया ले गया। तीन दिन बाद स्कूल खुला। सोनू ने माचिस की डिबिया राधा को पकड़ा दी। राधा ने पूछा, “छुट्टियां कैसी रहीं?” सोनू ने जवाब दिया, “एकदम मस्त।

तीन दिन की छुट्टियां चुटकियों में बीत गईं।”  राधा ने माचिस की डिबिया बैग में रखते हुए कहा, “जल्दी चलो। लगता है, Result एनाउंस होने लगे हैं।”  दोनों Ground की ओर भागे। वहां दोनों Announcement में अपना नाम सुनकर ठिठक गए। राधा मुसकराई। कहने लगी, “सोनू! सुना तुमने! Top 10 List में तुम्हारा नाम भी पुकारा गया है।”  सोनू खुशी से उछल पड़ा। कहने लगा, “यह सब जादुई माचिस का कमाल है।”

राधा को जोर-जोर से हंसते देख सोनू चुप हो गया। राधा ने कहा, “यह सिंपल माचिस थी। जादू कहीं नहीं होता। वह तो हमारे अंदर होता है। यदि तुम टॉप टेन में शामिल हुए हो, तो सिर्फ और सिर्फ अपनी मेहनत और लगन से।”  सोनू कुछ नहीं बोला। बस चुपचाप वह उस माचिस की डिबिया को देख रहा था, जिसे राधा टुकड़े-टुकड़े कर फेंक रही थी। ’ 

अगले दिन सुबह राधा School Gate पर खड़ी थी। तभी सोनू दौड़ता हुआ आया और माचिस लौटाते हुए बोला, “कमाल हो गया, कल मैंने भरपेट Dinner भी किया और मुझे बढि़या नींद भी आई।”  राधा ने माचिस बैग में रखते हुए कहा, “मैंने कहा था न, यह जादुई माचिस है। अब चलो।” दोनों Class की ओर चल पड़े।  दो-तीन दिन सब ठीक रहा। फिर एक दिन सोनू को परेशान देख, राधा ने पूछा, “अब क्या हुआ? तुम फिर परेशान हो क्या?”  सोनू ने धीरे से कहा, “क्या करूं? पहला ही Paper Math का है। Math से मुझे बहुत डर लगता है।” 

कहानी से सीख: जादू कहीं नहीं होता। वह तो हमारे अंदर होता है।

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